जीवन प्रमाण (पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र)

1. यह कैसे काम करता है?

जीवन प्रमाण पेंशनभोगी की बायोमेट्रिक पहचान की पुष्टि करने के लिए आधार प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है।

सफल प्रमाणीकरण के बाद डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार होता है, जिसे जीवन प्रमाण पत्र संग्रह प्रणाली में सुरक्षित रखा जाता है। पेंशन वितरित करने वाली एजेंसियाँ इस प्रमाण पत्र को ऑनलाइन प्राप्त कर सकती हैं।

2. अपना पंजीकरण कराएँ

  • कंप्यूटर या मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करें अथवा नजदीकी जीवन प्रमाण केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण कराएँ।

  • आवश्यक जानकारी प्रदान करें, जैसे:

    • आधार संख्या

    • पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) संख्या

    • बैंक खाता संख्या

    • बैंक का नाम

    • मोबाइल नंबर

3. आधार प्रमाणीकरण

  • अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए बायोमेट्रिक जानकारी दें।

  • इसके लिए उँगलियों के निशान या आँख की पुतली (आइरिस) का उपयोग किया जा सकता है।

  • जीवन प्रमाण ऑनलाइन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए आधार प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है।

4. जीवन प्रमाण पत्र

सफल प्रमाणीकरण के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पुष्टि संदेश भेजा जाता है। इस संदेश में आपका जीवन प्रमाण पत्र पहचान क्रमांक (जीवन प्रमाण आईडी) भी शामिल होता है।

प्रमाण पत्र जीवन प्रमाण पत्र संग्रह प्रणाली में सुरक्षित रखे जाते हैं, ताकि पेंशनभोगी और पेंशन वितरित करने वाली एजेंसी उन्हें कभी भी और कहीं से भी प्राप्त कर सकें।

5. अपना प्रमाण पत्र प्राप्त करें

पेंशनभोगी जीवन प्रमाण की वेबसाइट पर जाकर अपनी जीवन प्रमाण आईडी या आधार संख्या प्रदान करके प्रमाण पत्र की पीडीएफ प्रति डाउनलोड कर सकते हैं।

6. पेंशन वितरित करने वाली एजेंसी

पेंशन वितरित करने वाली एजेंसी जीवन प्रमाण की वेबसाइट से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकती है और उसे डाउनलोड कर सकती है।

7. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रमाण पत्र भेजना

जीवन प्रमाण पत्र पेंशन वितरित करने वाली एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। इस प्रक्रिया में मैन्युअल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।

इस सुविधा को सक्रिय कराने के लिए पेंशन वितरित करने वाली एजेंसी हमारी टीम से संपर्क कर सकती है।

Visit: https://jeevanpramaan.gov.in/